शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कौन-कौन से प्रयास करने होंगे ?

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कौन-कौन से प्रयास करने होंगे ?

2. बालकों की आयु के सम्बन्ध में भी इस अधिनियम की आलोचना हो रही है । आलोचकों का कहना है कि 6 वर्ष के नीचे त 14 वर्ष से ऊपर के बालकों को भी इस अधिनियम के अन्तर्गत शामिल किया जाना चाहिए ।
3. सरकार शिक्षकों की संख्या व उनके प्रशिक्षण के सम्बन्ध में मौन है ।
4. अकुशल अध्यापक एवं वर्तमान में चल रहे विद्यालयों की जर्जर अवस्था इस अधिनियम के क्रियान्विति में बहुत बड़ी बाधा है ।
5. मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय का अनुमान है कि इस अधिनियम की क्रियान्विति के लिए प्रति वर्ष लगभग 55 हजार करोड़ रूपयों की आवश्यकता होगी । इतनी बड़ी राशि प्रति वर्ष जुटाना भारत सरकार के लिए एक चुनौती के समान होगा ।

18.3.10 शिक्षा अधिनियम के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रयास

1 अप्रेल 2010 से शिक्षा का अधिकार अधिनियम केवल जम्मू व कश्मीर राज्य को छोड़कर (विशेष राज्य) सम्पूर्ण भारत देश में लागू हो चुका है । देश के गरीब व अलाभान्वित बालक, बाल श्रमिक, विशेष आवश्यकता युक्त बालक, अप्रवासी बालक, आदि को निःशुल्क व अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिये यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा । सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, भौगोलिक, भाषायी व लिंग भेद आदि सभी भेदभावों से ऊपर उठकर यह अधिनियम देश के सभी वंचित व अलाभान्वित बालकों व बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करने का कार्य करेगा । शिक्षा का अधिकार अधिनियम गुणवत्तायुक्त शिक्षण अधिगम पर भी बल देता है ।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के सफल क्रियान्वयन हेतु निम्न बिन्दुओं पर विचार एवं प्रयास किया जाना आवश्यक है –
1. लगभग 10 लाख नवीन तथा अप्रशिक्षित अध्यापकों में सृजनशीलता के विकास के लिये पहल करना।
2. सेवारत अध्यापकों में बालकेन्द्रित व बालअनुकूल शिक्षा के लिये आवश्यक कौशलों का विकास करना।
3. लगभग 1 करोड़ 90 लाख बालक-बालिकाओं को निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल केन्द्रित व बालअनुकूल प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिये भारतीय समाज, परिवारों व समुदायों को बड़े स्तर पर सकारात्मक भूमिका का निर्वहन करना होगा ।
4. गुणवत्ता युक्त शिक्षा व समान शिक्षा हेतु प्रत्येक प्रकार की विभिन्नताओं, मतभेदों व भेदभावों को मिटाना होगा ।
5. स्कूल जा रहे लगभग 8 लाख बालकों को सही आयु तथा कक्षा के स्तर तक पहुंचाना व उन्हें विदयालय में बनाये रखना होगा | इस हेतु नवीन प्रयास करने होंगे ।
6. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को लागू करने के लिये अगले 5 वर्षों में लगभग 38.2 बिलियन डीलर के व्यय का अनुमान है ।

स्वमूल्यांकन प्रश्न

शिक्षा के अधिकार का अर्थ एवं सम्प्रत्यय को समझाइये?
2. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत सरकार के उत्तरदायित्वों को स्पष्ट कीजिए?
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की प्रमुख बाधाओं का वर्णन कीजिए?
शिक्षा के अधिकार हेतु वित्तीय स्रोतो की व्यवस्था का विवेचन कीजिए ।

18.4 सारांश

प्राचीन काल से ही भारत ज्ञान का केन्द्र बिन्दु रहा है। भारत के पास असीमित अतुल्य ज्ञान का भण्डार है, किन्तु वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुसार वैज्ञानिक व तकनीकी परिवर्तनों की दृष्टि से उपलब्ध ज्ञान का लाभ उठाने व नवीन ज्ञान को सृजित करने, सर्वसुलभ बनाने के लिये संभावनाओं का पता लगाया जाना आवश्यक है । इस कठिन कार्य को करने व इसके लिये एक कार्यकारी योजना बनाने के लिये 13 जून 2005 को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह ने श्री सैम पित्रौदा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की स्थापना की । इस आयोग ने ज्ञान के पंचभुज क्षेत्रों – ज्ञान की सुलभता, ज्ञान की अवधारणा, ज्ञान की रचना, ज्ञान का उपयोग व सेवाएँ प्रदान करने की व्यवस्था पर तीन वर्षों तक अध्ययन किया । प्रधानमंत्री को भेजे गये पत्रों में सुझावों के रूप में अपनी सिफारिशों को तीन भागों राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन 2006, राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन, 2007, एक ज्ञानवान समाज की ओर में प्रस्तुत किया । अपनी सिफारिशों में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने भारत में ज्ञान की अपार संभावनाओं का पता लगाते हुए ज्ञान के प्रसार, संस्थागत ढांचों में सुधार, ज्ञान के नेटवर्क द्वारा समावेशी उन्नति हेतु कार्यकारी योजना प्रस्तुत की है । इस योजना ने मानव संसाधन की दृष्टि से भारत को एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित होने का मार्ग तय कर दिया है । आवश्यकता है एक त्वरित क्रियान्विति की जिससे इन लक्ष्यों को वास्तविक अर्थों में प्राप्त किया जा सके ।

भारत सरकार ने इन सिफारिशों की क्रियान्विति शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू करके की है । देश के अलाभान्वित, वंचित, गरीब, प्रवासी आदि सभी 6 वर्ष से 14 वर्ष के बालकों को निःशुल्क व अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। इसे मौलिक अधिकार का दर्जा प्रदान करके 1 अप्रेल 2010 से जम्मू व कश्मीर राज्य को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में लागू कर दिया गया है । अब भारत विश्व के उन 135 देशों में शामिल हो गया है जहाँ शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता प्राप्त है । शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत गुणवत्तायुक्त प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने के लिये जहां एक ओर कक्षा, विषय, पाठ्यक्रम, बुनियादी ढाँचे, मूल्यांकन आदि हेतु पूरी व्यवस्था की गई है वहीं पूरी ओर केन्द्र, राज्य स्थानीय सरकारों के उत्तरदायित्व, विद्यालय के मानदण्ड व दायित्व भी पूर्णतया स्पष्ट किये गये हैं । वित्तीय भार को केन्द्र व राज्य सरकारों के बीच साझा किया गया है । अधिनियम की सही क्रियान्विति व संरक्षण हेतु राष्ट्रीय व राजकीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगों को उत्तरदायित्व सौंपा गया है ।

इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 समय की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए भारत के सभी बालकों के भविष्य को बनाने वाला नींव का पत्थर साबित होगा।

18.5 शब्दावली समावेशी

सभी पक्षों को समाहित किए हुए अनुवर्ती अनुसरण आई.पी.आर. बौद्धिक सम्पदा अधिकार विनियामक नियम निर्धारित करने वाला तंत्र अनुदेशन निर्देश

18.6 मूल्यांकन प्रश्न

1. राष्ट्रीय ज्ञान आयोग का सम्प्रत्यय समझाइये ?
2. राष्ट्रीय ज्ञान आयोग द्वारा किस क्रियाविधि को प्रयोग में लाया गया ?
3. राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए ?
4. राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने ज्ञान की सुलभता के बारे में क्या प्रमुख सिफारिशें दी हैं ?
5. ज्ञान का सृजन क्यों आवश्यक है ? राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने इस हेतु क्या विचार व्यक्त किये हैं ?
6. ई-अभिशासन का सम्प्रत्यय: समझाइये ? वर्तमान में इसकी आवश्यकता व क्रियान्वयन हेतु प्रयासों को समझाइये ?
7. पेशेवर शिक्षा किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार की होती है । पेशेवर शिक्षा के बारे में राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने क्या विचार दिये हैं ?
8. ज्ञान के विस्फोट में नवाचारों का क्या महत्व है ?
9. राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की सिफारिशों पर विभिन्न सरकारों द्वारा की जा रही कार्यवाही और पहलों का तुलनात्मक विवेचन कीजिए ।
10. शिक्षा के अधिकार की विशेषताएँ बताइये ?
11. शिक्षा का अधिकार अधिनियम बनने व लागू होने की प्रक्रिया क्या रही ?
12. शिक्षा का अधिकार के अन्तर्गत विद्यालयों के दायित्वों एवं मानदण्डों का आलोचनात्मक वर्णन कीजिए ?
13. शिक्षा का अधिकार अधिनियम के संरक्षण हेतु संवैधानिक प्रावधानों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए ?
14. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कौन-कौन से प्रयास करने होंगे ?
15. शिक्षा के अधिकार अधिनियम के बारे में अपने विचार व्यक्त कीजिए |

18.6 संदर्भ ग्रंथ

1. भारत का राजपत्र
2. राष्ट्र के नाम प्रतिवेदन 2006-2009

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